मानव और पर्यावरण का संबंध:- वर्तमान समय में युवा पीढ़ी में पाश्चात्य संस्कृति का अधिक प्रभाव देखने को मिलता है जिसे की बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूमना, नशा करना ,ऊंची आवाज में गाने सुनना,आदिआदि। युवाओं की ऐसी आदतों ने न केवल मानव समाज को दूषित किया है बल्कि पर्यावरण पर भी घातक प्रभाव डाला है जिसके फलस्वरूप हमारा वातावरण बहुत अधिक दूषित हो गया है इंसान अपने स्वार्थ के लिए प्राणवायु दाता वृक्षों को काटकर अपने स्वार्थ के लिए काम में ले रहा है।इंसान की सोच संकीर्ण होती जा रही है।दूसरों की भलाई करना ,पर्यावरण को शुद्ध रखना तो माना भूल ही गया हो। मानव द्वारा पर्यावरण को क्षति पर्यावरण को मुख्य खतरा किसी और से नहीं बल्कि मनुष्य से ही है मनुष्य का प्रकृति के साथ खिलवाड़ के कारण ही पर्यावरण के विभिन्न प्रदूषण होते जा रहे हैं उदाहरण के तौर पर वायु प्रदूषण ,जल प्रदूषण,ध्वनि प्रदूषण आदि । मनुष्य द्वारा पेड़ो की अविवेकपूर्ण कटाई से हरियाली घट रही है जिसे वर्षा का कम होना इससे अनेक प्रकार की प्राकृतिक घटनाएं घटित हो रही है इसी प्रकार जल,वायु व ध्वनि प्रदूषण आदि...