Posts

Showing posts from June, 2020

गुरू को भगवान क्यों माने

Image
1.पवित्र वेदों व गीता जी आदि पवित्र सदग्रंथों में प्रमाण मिलता है कि जब-जब धर्म की हानि होती है व अधर्म की वृद्धि होती है तब परमेश्वर स्वयं आकर या अपने परम संत यानी सच्चे सतगुरु को भेजकर सत्य ज्ञान के द्वारा धर्म की पुनर्स्थापना करता है। वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज द्वारा ही सत्य ज्ञान दिया जा रहा है। 2.श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 15 श्लोक 1 - 4, 16, 17 में कहा गया है जो संत इस संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष के सभी विभाग बता देगा वह पूर्ण गुरु/सच्चा सद्गुरु है। यह तत्वज्ञान केवल संत रामपाल जी महाराज ही बता रहे हैं। 3.यजुर्वेद अध्याय 19 मन्त्र 25 के अनुसार तत्वदर्शी संत वह होता है जो वेदों के सांकेतिक शब्दों को पूर्ण विस्तार से वर्णन  करता है जिससे पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति होती है।  ऐसा केवल संत रामपाल जी महाराज ही कर रहे हैं। 4.पूर्ण संत तीन प्रकार के मंत्रों को तीन बार में उपदेश करेगा जिसका वर्णन कबीर सागर ग्रंथ पृष्ठ 265 पर बोध सागर में मिलता है। गीता जी के अध्याय 17 श्लोक 23 व सामवेद संख्या 822 में मिलता है। संत रामपाल जी महाराज ही वह पूर्ण संत ह...

BibIe

Image
https://www.youtube.com/user/satlokashram001 1.पवित्र बाईबल में भगवान का नाम कबीर है- अय्यूब 36:5।यहां स्पष्ट है की कबीर ही शक्तिशाली परमात्मा है। 2.मांस खाना परमेश्वर का आदेश नहीं। पवित्र बाईबल (उत्पति ग्रन्थ 1:29) 3.अय्यूब 36:5(और्थोडोक्स यहूदी बाइबल -OJB) परमेश्वर कबीर (शक्तिशाली)है,किन्तु वह लोगों से घृणा नहीं करता है। परमेश्वर कबीर (सामर्थी)है और विवेकपूर्ण है। 4.हजरत ईसा मसीह की मृत्यु 30 वर्ष की आयु में हुई जो पूर्व ही निर्धारित थी।स्वयं ईसा जी ने कहा कि मेरी मृत्यु निकट है तथा तुम शिष्यों में से ही एक मुझे विरोधियों को पकड़वाएगा और वो मुझे मार देंगे।इससे सिद्ध है हजरत ईसा जी ने कोई चमत्कार नहीं किया ये सब पहले से ही निर्धारित था। 5.ईसा मसीह की मृत्यु के तीसरे दिन स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ही आये थे भक्ति की लाज रखने के लिए ।अन्यथा काल ब्रह्म भगवान से विश्वास ही उठा देता लोगों का। 6.बाइबिल में जिसका प्रमाण है वह परमात्मा भारत की धरती पर आ चुके है।

kabir is God

Image
1.कबीर परमेश्वर का शरीर हाड़ मांस से बना नहीं है।वह अविनाशी परमात्मा है।कबीर परमात्मा जन्म-मृत्यु से रहित है,अर्थात अविनाशी है।वे सशरीर प्रकट हुए। 2.कबीर परमात्मा का जन्म माँ के गर्भ से नहीं होता।वह स्वयं सतलोक से सशरीर आते है अपना तत्वज्ञान देने और मोक्ष प्रदान करने। 3.कबीर साहेब प्राकाटय ऋग्वेद मण्डल9सूक्त1मंत्र9में प्रमाण है कि पूर्ण परमात्मा अमर पुरूष जब लीला करता हुआ बालक रूप धारण करके स्वयं प्रकट होता है उस समय कुंवारी गाय अपने आप दूध देती है जिससे पूर्ण प्रभु की परवरिश होती है। 4. काशी में एक लहरतारा तालाब था। उस तालाब में बड़े- 2 कमल के फूल उगे हुए थे। नीरू- नीमा नि: सन्तान दम्पत्ति थे ज्येष्ठ मास की शुक्ल पूर्णमासी विक्रमी संवत् 1455 सन् 1398 में कबीर साहेब कमल के फूल पर शिशु रूप में परमात्मा प्रकट हुऐ।

Kabir is God

Image
*Garib, Anant koti brahamand mein Bandichodd kahaye* *So to ek Kabir hai, Janani janey na maai* In infinite universes God Kabir is called Bandichodd. Only God Kabir does not take birth from mother-father. Had he taken birth from mother then she would have been his originator. God himself manifests therefore manifest day is celebrated *Kabir Saheb manifest on his own, so the day of manifestation is celebrated*  It is clear in the Rigveda Mandal 10, Sukt 4, Mantra 3 that the mother  does not give birth to the Parmatma,, but he  himself manifests him in the infant form by her word power to redeem her souls from the bond of Kaal.   There is evidence that Kabir Parmeshwar manifested himself on a lotus flower in Kashi Laharatara Sarovar, the illustration of which was Ashtanand Rishi. https://www.youtube.com/user/satlokashram001 Rigved Mnadal 10 sukt 4 mantra 3 proved that supreme god doesn't take birth from mothers womb. He come from satlok to ...

DeepKnowledge_Of_GodKabir

Image
1.गूढ़ ज्ञान वर्तमान समय में लोग परमात्मा कबीर जी को एक सामान्य संत समझता है जबकि अपनी महिमा बताते हुए परमात्मा कबीर जी ने हमें बताया कि वही सृष्टि के रचनहार हैं और चारों युगों में आते हैं। वर्तमान में परमात्मा की सम्पूर्ण जानकारी संत रामपाल जी महाराज ही सबको बता रहे हैं। 2.परमात्मा कबीर जी का तत्वज्ञान जिस स्वर्ग के सुख को मानव समाज में श्रेष्ठ व सुखदायी समझा जाता था। परमात्मा कबीर जी के तत्वज्ञान से ही पता चला कि स्वर्ग का सुख तो सतलोक के सुख के आगे काग (कौए) की बिष्ठा (बीट) के समान है । 3.सभी धर्म के धर्मगुरुओं ने आज तक यही बताया है कि परमात्मा/रब/गॉड/अल्लाह/खुदा निराकार है, उसका केवल प्रकाश देखा जा सकता है। लेकिन सर्वप्रथम कबीर जी ने इसका खंडन करते हुए बताया कि परमात्मा/अल्लाह/गॉड साकार है, नराकार है। 4.शास्त्र प्रमाणित ज्ञान जिस बात को सर्वप्रथम कबीर जी ने कहा कि परमात्मा साकार है, नराकार है। आज उसी बात को संत रामपाल जी महाराज ने सभी धर्म ग्रंथों से प्रमाणित करके बता दिया कि परमात्मा/अल्लाह साकार है, राजा के समान दर्शनीय है, सिंहासन पर बैठा है। 5...

DivinePlay_Of_GodKabir

Image
1.To test Kabir Sahib, the Brahmins of Kashi planned to place the idol and Veda Shastra on the rock and said that whoever has true spiritual power, this will go to him. The Brahmins did all they could but the idol did not move, then Kabir Sahib ji sang the word of the glory of God, then the idol flew and went up to him https://www.youtube.com/user/satlokashram001 2 .Taking Mandodari, wife of King Ravana of Lanka and Vibhishan in his refuge God Kabir, who came as Munindra in Treta Yuga, introduced Mandodari and Vibhishana to true devotion and took them in His refuge and got their welfare done