DeepKnowledge_Of_GodKabir

1.गूढ़ ज्ञान
वर्तमान समय में लोग परमात्मा कबीर जी को एक सामान्य संत समझता है जबकि अपनी महिमा बताते हुए परमात्मा कबीर जी ने हमें बताया कि वही सृष्टि के रचनहार हैं और चारों युगों में आते हैं।
वर्तमान में परमात्मा की सम्पूर्ण जानकारी संत रामपाल जी महाराज ही सबको बता रहे हैं।


2.परमात्मा कबीर जी का तत्वज्ञान
जिस स्वर्ग के सुख को मानव समाज में श्रेष्ठ व सुखदायी समझा जाता था। परमात्मा कबीर जी के तत्वज्ञान से ही पता चला कि स्वर्ग का सुख तो सतलोक के सुख के आगे काग (कौए) की बिष्ठा (बीट) के समान है ।

3.सभी धर्म के धर्मगुरुओं ने आज तक यही बताया है कि परमात्मा/रब/गॉड/अल्लाह/खुदा निराकार है, उसका केवल प्रकाश देखा जा सकता है। लेकिन सर्वप्रथम कबीर जी ने इसका खंडन करते हुए बताया कि परमात्मा/अल्लाह/गॉड साकार है, नराकार है।

4.शास्त्र प्रमाणित ज्ञान
जिस बात को सर्वप्रथम कबीर जी ने कहा कि परमात्मा साकार है, नराकार है। आज उसी बात को संत रामपाल जी महाराज ने सभी धर्म ग्रंथों से प्रमाणित करके बता दिया कि परमात्मा/अल्लाह साकार है, राजा के समान दर्शनीय है, सिंहासन पर बैठा है।

5.कबीर परमेश्वर ने ही बताया था कि परमात्मा सभी पापों से मुक्त कर सकता है। आज संत रामपाल जी महाराज ने वेदों से प्रमाणित करके बता दिया कि परमात्मा साधक के घोर पाप को भी समाप्त कर देता है। देखिये प्रमाण "यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13"।

6.कबीर साहेब जी ने कहा है कि मनुष्य जन्म बहुत अनमोल है इसे शास्त्र विरुद्ध साधना करके व्यर्थ नहीं करना चाहिए, क्योंकि मनुष्य जन्म बार बार नहीं मिलता।
मानुष जन्म दुर्लभ है, ये मिले ना बारंबार।
जैसे तरवर से पत्ता टूट गिरे, वो बहुर न लगता डार।।

7.अद्भुत ज्ञान परमात्मा का
कबीर साहेब ने हमे अक्षर पुरुष, क्षर पुरुष और तीनों देवता की स्थिति का वर्णन इस वाणी के द्वारा समझाया है।
कबीर, अक्षर पुरुष एक पेड़ है, निरंजन वाकी डार।
तीनों देवा शाखा हैं, ये पात रूप संसार।।

8.परम गूढ़ ज्ञान 
आज तक किसी ऋषि, महर्षि धर्मगुरू ने सृष्टि रचना की सही जानकारी नहीं दी।
कबीर परमेश्वर जी ने सृष्टि रचना की यथार्थ जानकारी दी। जिसका भेद आज केवल तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने ही बताया है

9.कबीर परमेश्वर जी ने गुरू और सतगुरू में भेद बताया तथा सच्चे गुरु के लक्षण बताए।
सतगुरु के लक्षण कहु, मधुरे बेन विनोद, चार वेद छः सास्त्र, वो कह अट्ठारह बोध।।
कबीर साहेब जी ने तत्वज्ञान दिया कि मानव जीवन में सतगुरु बनाकर भक्ति करना परमावश्यक है। सच्चे गुरु की शरण में जाकर दीक्षा लेने से ही पूर्ण लाभ मिलेगा, अन्यथा मानव जीवन बर्बाद है।
वर्तमान में पूर्ण सतगुरु केवल संत रामपाल जी महाराज ही हैं। उनसे सतभक्ति प्राप्त करके मोक्ष प्राप्त करें।https://www.youtube.com/user/satlokashram001

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