Loss of bolywood

पूर्व काल में लोगों के मनोरंजन के साधन ढोलक,मंजीरा,ताल,रावण हत्था जैसे वाद्ययंत्रो का प्रयोग करके लोगों का मंनोरंजन करते तथा अपनी रोजी रोटी भी कमाते थे।
जो लोग मनोरंजन का काम करते थे।वे भारतीय संस्कृति व परम्परा की मर्यादा का पुरा ध्यान रखते थे।
उनके तरो-तरीको से भारतीय संस्कति बहुत ही रंगीन व उन्नत होती चली गयी।
2.बॉलीबुड का आवागम: -
जैसे ही भारतीय संस्कृति में बॉलीबुड का आगमन हुआ भारतीय संस्कृति का पूर्ण रूप से पाश्चात्यकरण हो गया है जैसे:-युवाओं द्वारा छोटे कपड़े व फटे कपड़े पहनना,अपने आप में अश्लीलता दर्शाता है।
2. युवाओं का नैतिक पतन:-
युवाओं की रूचि सिर्फ नाटक,फिल्म,मूवी में बढ़ता जा रहा है।
जैसे फिल्मों के हिरो करते है वैसी ही लाइफ युवा जीते है।
3.बॉलीबुड ने देश बिगाड़ा:-
बॉलीबुड की फिल्मों,नाटक,के लत से युवा पीढ़ी अपनी पढाई व फर्ज पर ध्यान नहीं देती है।
4.बॉलीबुड की फिल्मी दुनिया ने बच्चों को नास्तिक बना दिया ।जिससे बच्चो में दया भाव खत्म हो चुका है।
5.भारतीय संस्कृति का बचाव:-
संत रामपाल जी महाराज के शास्त्रप्रमाणित ज्ञान व सतभक्ति से होगा।
जन्म - मरण का रोग सत्य नाम व सारनाम बिना समाप्त नही हो सकता। ये सत्य मंत्र केवल पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी प्रदान करते है।
प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में पूर्ण सन्त का प्रमाण नास्त्रेदमस ने कहा है कि सन् 2006 में एक हिन्दु संत प्रकट होगा अर्थात् संसार में उसकी चर्चा होगी।

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